करना और दिखना
बास ने सहयोगी से कहा
काम करना ही काफी नहीं
काम करते हुए दिखना भी चाहिए
सहयोगी ने अपनी अंधभक्ति में
इसे भी स्वीकार कर लिया
और काम करना बंद कर
सिर्फ दिखाना शुरू कर दिया
बास का कहा तो हो गया
काम तमाम हो गया
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भोंकना
यह बताने की जरूरत नहीं क़ि
जो भोंक रहा है वह कौन है
और क्यों भोंक रहा है
वह कुत्ता है गली का ही नहीं
मालिक के साथ महल में रहने वाला भी
असल में वह डरा हुआ है
खुद के अस्तित्वा से, किसी अज्ञात खतरे से
अपने उस मालिक से भी
जो उसे अपनी सुरकचा के लिए पाले हुए है
भोंकना उसकी निअति है
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अंत नहीं
चुनाव में हार के बाद
किसी के निधन के बाद
कुछ लोगों को मरवा देने के बाद
यह मत कहो या मानो क़ि
उस विचारधारा का अंत हो गया
विचारधारा बनी रहती है
उसे ख़त्म नहीं किया जा सकता
जो ऐसा कहते हैं
उन्हें मूर्ख अवश्य कहा जा सकता है .
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2 comments:
blog ke bahane hi sahi asli roop men khul rahe hain aap
बहुत खूब
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